Monday, May 18, 2009
हिन्दुत्व
हिन्दुत्व एक एक बडा बरगद का पेड हे .
उसकि शाखाए अनेक हे . जैन,सिख, सनातनी , आर्य समाजी, इस्कोन ,कबीर पन्थी , शैव , वैश्णव , प्रक्रति पूजक आदि सभी हिन्दु है .
हिन्दु उसे कहते है जो कर्म और कर्मफ़ल मे विश्वास करता हे . जिसका ध्येय भगवान नहि मोक्श हे मुक्ति हे.
भगवान भी कर्मो से बन्धे होते . परन्तु मोक्श प्राप्त आत्मा कर्मो के बन्धन से मुक्त होति है.
हिन्दुत्व की परिभासा एक देवता एक पर्वर्तक य किसि एक सिद्धांत मे नही हे. इसकि परिभासा मानवता के सिद्धांत मे हे.
यह धर्म मानव मात्र को एक मानत हे . चाहे वह किसि भी देवता को माने उसे यह आस्तिक मानता हे .
इस सिद्धांत को दीनदयाल उपध्याय ने एकत्म मानववाद क नाम दिया .
यह धर्म अपने सत्कर्मो से भगवान मे लीन होना सिखाता हे इन्सान से भगवान बनना सिखात हे.
अगर कोइ आपत्ति हो तो अपने सुझाव दे
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