कभी कभी मेरे दिल खयाल आता हे कि भारत देश के नागरिको को क्या हुआ हे . वे अब पूरि तरह भ्रस्ट हो चुके हे या कोइ सुधरने कि कोइ गुन्जाइश हे .
जब तक रास्ट्र का हर आद्मि दिल मे इमानदारि कि कम से कम ख्वाहिश रखना नहि शुरू करता जब तक इस देश का भला नहि हो सकता .
यहा हालत ये कि दुकान्दार ये सोचता हे कि मे कितना टेक्स बचाउ .और टेक्स अफ़सर यह सोचता हे कि उसे इस भ्रश्ट व्यापारि से कितनि रिश्वत मिल सकति हे .
इस भ्रश्टाचार कि नदि मे कई इमानदार लोग भी डूब जाते हे. जैसे कि एक इमानदार व्यक्ति पूरि बेइमान ओफ़िस मे नहि टीक सकता .
शेश अगली बार ..............
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